बिना कोडिंग के कस्टम सॉफ्टवेयर बनाएं
आपकी टीम को जो चाहिए उसे आम भाषा में बताइए और बिना कोडिंग के सॉफ्टवेयर तैयार पाइए — AgentUI ऐप बनाता है, उसे आपके असली डेटा से जोड़ता है और लॉगिन व परमिशन लगाता है। डैशबोर्ड, ट्रैकर, क्लाइंट पोर्टल, अप्रूवल फ्लो: अगली तिमाही के IT प्लान में नहीं, कुछ ही दिनों में चालू।

बिना कोडिंग के सॉफ्टवेयर बनाना असल में कैसे काम करता है
टूल को एक वाक्य में बताइए
"एक डिलीवरी ट्रैकर जिसे मेरे तीन वेयरहाउस लीड रोज़ अपडेट करें।" न कोई टेम्पलेट सेट करना, न ड्रैग-एंड-ड्रॉप ग्रिड से जूझना।
AgentUI चलता हुआ ऐप बना देता है
टेबल, फॉर्म, डैशबोर्ड और रोल आपस में जुड़े हुए मिलते हैं — स्प्रिंट में नहीं, मिनटों में।
अपना असली डेटा जोड़िए
Postgres, आपके Excel एक्सपोर्ट, Shopify, WhatsApp या कोई भी API। आंकड़े कॉपी-पेस्ट से नहीं, सीधे सोर्स से आते हैं।
टीम के लिए पब्लिश कीजिए
लॉगिन और रोल के हिसाब से परमिशन के साथ लाइव। अगले महीने नया कॉलम चाहिए? आप खुद बदल लेते हैं।
उस ऑपरेशंस मैनेजर के लिए जो IT की कतार का इंतज़ार नहीं कर सकता
टूल को क्या करना है, यह आपसे बेहतर कोई नहीं जानता — हर महीने वह रिपोर्ट आप ही दोबारा बनाते हैं। AgentUI बनाने का काम उस व्यक्ति को देता है जो प्रोसेस समझता है, और मामला उलझने पर दूसरी तरफ एक असली इंसान मौजूद रहता है।
एक ही शीट की नौ कॉपियों की जगह एक साझा डेटाबेस
आपका बनाया हर टूल उसी एक डेटाबेस में पढ़ता-लिखता है, किसी के डाउनलोड फोल्डर में पड़ी फाइल में नहीं। वेयरहाउस को लिखने की और डायरेक्टर को सिर्फ पढ़ने की परमिशन दीजिए — वर्ज़न की बहस खत्म, क्योंकि कोई पूछे कि सही आंकड़ा कौन सा है तो आंकड़ा एक ही होता है।


ऑटोमेशन और इंटीग्रेशन भी इसी तरह मांगिए
वर्कफ्लो भी उसी तरह बताइए: एक WhatsApp बॉट जो कंटेनर की स्थिति दर्ज करे, एक रात का जॉब जो सोमवार की रिपोर्ट दोबारा बनाए, एक इंटीग्रेशन जो ऑर्डर आपके ERP में भेजे। AgentUI फ्लो बनाता है, बनाया गया हर स्टेप दिखाता है और तय समय पर चलाता है — ताकि रिपोर्ट आपके महीने के छह घंटे खाना बंद कर दे।
बिना कोड का मतलब बिना कंट्रोल नहीं है
बिना कोड वाले टूल कंपनियों में इसलिए बैन हो जाते हैं कि उनका ऑडिट कोई नहीं कर सकता। ये कंट्रोल आपकी बनाई हर ऐप के साथ आते हैं।
रोल के हिसाब से एक्सेस
तय कीजिए कि मार्जिन वाला कॉलम कौन देखेगा और कौन सिर्फ फॉर्म भरेगा।
हर बदलाव का ऑडिट लॉग
किसने क्या और कब बदला — वह सब भी जो AI ने आपकी तरफ से किया।
डेव, स्टेजिंग और प्रोडक्शन
पूरी टीम के देखने से पहले बदलाव टेस्ट कीजिए। गलती से लाइव पर एडिट नहीं।
SOC 2 Type II इंफ्रास्ट्रक्चर
किसी टूल को मंज़ूरी देने से पहले आपकी IT और कंप्लायंस टीम यही जवाब मांगती है।
असली कोड, जिसे आप देख सकते हैं
कुछ भी ब्लैक बॉक्स नहीं। पढ़िए, एक्सपोर्ट कीजिए, बाद में किसी डेवलपर को दे दीजिए।
किसी एक व्यक्ति पर निर्भरता नहीं
टूल बनाने वाले का नहीं, टीम का होता है। जिसके पास एक्सेस है, वह उसे बदल सकता है।
क्लिक के बाद क्या होता है: पहला टूल एक इंसान आपके साथ बनाता है
फ्री शुरू कीजिए और खुद बनाइए, या कॉल बुक कीजिए और हमारी टीम डेटा का दायरा तय करती है, इंटीग्रेशन जोड़ती है और रोज़ इस्तेमाल करने वालों को ट्रेनिंग देती है। पेड प्लान $25 प्रति माह से शुरू होते हैं और इंसानी मदद उसी में शामिल है — यही फर्क है उस टूल में जिसे टीम अपनाती है और एक और छूटी हुई ऐप में।