एक और ट्रेनिंग नहीं। यह कोचिंग है।
फ्यूचर, आपके काम में शामिल।
चार 1-ऑन-1 सेशन, जिनमें हम आपकी टीम के लिए ज़रूरी इंटरनल टूल आपके साथ मिलकर बनाते हैं — आइडिया से लेकर चलते-फिरते टूल तक।
Agent UI नई पीढ़ी के AI एजेंट बनाती है और टीमों को उनके प्लेटफ़ॉर्म में AI जोड़ने में मदद करती है। यह देखने वाला लेक्चर नहीं है — यह कोचिंग है। चार 1-ऑन-1 सेशन में हम साथ बैठकर आपका चुना हुआ प्रोजेक्ट डिज़ाइन करते हैं, बनाते हैं और लाइव करते हैं, और आपको वे स्किल्स और बेस्ट प्रैक्टिसेज़ सिखाते हैं जिनसे आप आगे खुद बनाते रह सकें।
1-ऑन-1, हर सेशन एक घंटे का, चार हफ़्तों में
एक असली टूल, पूरा बनाकर तैयार
इतनी गहराई से तैयार कि आगे खुद बना सके
चार 1-ऑन-1 सेशन। एक असली प्रोजेक्ट। चार हफ़्ते।
कोचिंग चार 1-ऑन-1 सेशन में होती है, हर सेशन एक घंटे का, चार हफ़्तों में फैला हुआ। पहले दिन से ही यह प्रैक्टिकल है और आपके प्रोजेक्ट पर चलती है।
4 हफ़्ते — हर हफ़्ते एक घंटे का 1-ऑन-1 सेशन
सिर्फ़ लेक्चर नहीं, प्रोजेक्ट पर काम करते हुए प्रैक्टिकल कोचिंग
आप असली प्रोजेक्ट चुनते हैं; हम उसे पूरा करने में साथ रहते हैं
चलता हुआ टूल और आगे खुद बनाते रहने की स्किल
हम पूरी कंपनी को एक साथ नहीं, एक लीड को तैयार करते हैं।
हम एक लीड तैयार करते हैं। पूरी कंपनी को एक साथ अपस्किल करने की कोशिश करने के बजाय हम एक व्यक्ति को गहराई से तैयार करते हैं — और क्षमता वहीं से फैलती है। असल में, आपका लीड जो स्किल्स, पैटर्न और टूल्स बनाता है, वे टीम तक और फिर पूरी कंपनी तक पहुँचते हैं।
इस तरीक़े से चीज़ें नियंत्रण में भी रहती हैं। इंटरनल टूल्स शुरू से ही सही गवर्नेंस के साथ बनते हैं — ज़िम्मेदारी साफ़, डेटा का सुरक्षित इस्तेमाल और दोहराए जा सकने वाले तरीक़े — इसलिए कंपनी में जो फैलता है वह भरोसेमंद होता है, जुगाड़ नहीं।
हमने यह मॉडल बहुत अलग-अलग जगहों पर चलते देखा है, बैंकों से लेकर सैकड़ों कर्मचारियों वाली मिड-साइज़ कंपनियों तक। लीड वाला तरीक़ा इसलिए स्केल करता है क्योंकि नॉलेज जुड़ती जाती है: हर ट्रेन हुआ व्यक्ति अगले के लिए मल्टिप्लायर बन जाता है।
एक लीड तैयार करें
सबको एक सतही वर्कशॉप देने के बजाय एक व्यक्ति को गहराई से तैयार करें।
पहले दिन से गवर्नेंस
साफ़ ज़िम्मेदारी, डेटा का सुरक्षित इस्तेमाल और दोहराए जा सकने वाले तरीक़े शुरू से।
नॉलेज जो जुड़ती जाती है
हर ट्रेन हुआ व्यक्ति मल्टिप्लायर बनता है — क्षमता पूरी कंपनी में फैलती है।
कई इंडस्ट्री में आज़माया हुआ
बैंकों से लेकर सैकड़ों कर्मचारियों वाली मिड-साइज़ कंपनियों तक।
आप क्या सीखेंगे
प्रोग्राम AI से कुछ बनाने की मुख्य स्किल्स के इर्द-गिर्द बना है। हर हिस्सा आपके अपने प्रोजेक्ट पर सिखाया जाता है, इसलिए सीखा हुआ टिकता है।
AI से बनाना
AI से सिर्फ़ सवाल पूछने के बजाय असल में बनाना सीखें — प्रॉम्प्ट और आइडिया को चलते हुए सॉल्यूशन में बदलना।
- AI आपके लिए क्या बना सकता है और क्या नहीं, यह कैसे तय करें
- मोटे-मोटे आइडिया से ठोस और बनाने लायक़ प्लान तक पहुँचना
- आइडिया से चलते हुए नतीजे तक जाने का दोहराया जा सकने वाला तरीक़ा
इंटरनल टूल्स बनाना
वे टूल बनाएँ जिनकी आपकी टीम को सच में ज़रूरत है — छोटे ऐप्स, ऑटोमेशन और यूटिलिटीज़ जो रोज़ की झंझट हटा देते हैं।
- असली असर के लिए सही इंटरनल टूल चुनना
- टीम के असली वर्कफ़्लो के हिसाब से टूल डिज़ाइन करना
- बनाना, टेस्ट करना और तब तक सुधारना जब तक वह काम में न आ जाए
इंटीग्रेशन का फ़ायदा उठाना
AI को उन सिस्टम और डेटा से जोड़ें जो आप पहले से इस्तेमाल करते हैं, ताकि आपके टूल अलग-थलग न रहकर असली वर्कफ़्लो में फ़िट हों।
- इंटीग्रेशन से क्या-क्या मुमकिन होता है, यह समझना
- AI को अपने मौजूदा ऐप्स, डेटा और सर्विसेज़ से जोड़ना
- आम इंटीग्रेशन पैटर्न और उन्हें सुरक्षित तरीक़े से लगाना
प्रॉम्प्ट कैसे बनाएँ
प्रॉम्प्टिंग की बुनियादी स्किल पर पकड़ बनाएँ — साफ़ और व्यवस्थित निर्देश जो भरोसेमंद और अच्छी क्वालिटी के नतीजे देते हैं।
- एक असरदार प्रॉम्प्ट की बनावट
- संदर्भ, उदाहरण और शर्तें देना जिनसे आउटपुट बेहतर होता है
- प्रॉम्प्ट को सुधारते हुए एक जैसे, दोहराए जा सकने वाले नतीजे पाना
बेस्ट प्रैक्टिसेज़
वे आदतें और सुरक्षा उपाय अपनाएँ जो एक बार के प्रयोग को भरोसेमंद, दोबारा इस्तेमाल होने वाले सॉल्यूशन से अलग करते हैं।
- भरोसेमंद AI वर्कफ़्लो बनाने के आज़माए हुए पैटर्न
- वे आम ग़लतियाँ टालना जिनमें टीमें शुरू में ही फँस जाती हैं
- अपने काम को व्यवस्थित, मेंटेन करने लायक़ और दोबारा इस्तेमाल लायक़ रखना
संवेदनशील डेटा रखना
AI टूल्स के साथ काम करते समय गोपनीय और संवेदनशील जानकारी संभालने के सुरक्षित तरीक़े सीखें।
- संवेदनशील डेटा को ज़िम्मेदारी से स्टोर और प्रोसेस करने के तरीक़े
- प्रॉम्प्ट में क्या नहीं डालना चाहिए और उसे कैसे बचाना है
- ऐसे प्रैक्टिकल उपाय जो आपकी सिक्योरिटी ज़रूरतों पर खरे उतरें
ट्रबलशूटिंग और प्रोजेक्ट सपोर्ट
आपके प्रोजेक्ट को जिस चीज़ की ज़रूरत हो, हम उस पर काम करते हैं — डीबग करना, अटकाव हटाना और आपको आख़िर तक पहुँचाना।
- दिक़्क़तें जैसे-जैसे आएँ, उन्हें पहचानना और ठीक करना
- आपके चुने हुए प्रोजेक्ट के भीतर हाथ बँटाने वाली मदद
- ट्रेनिंग की शुरुआत में तय किए लक्ष्य तक पहुँचाने वाला मार्गदर्शन
चार हफ़्ते, एक चलता हुआ टूल
हर सेशन सीधे आपके चुने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाता है, इसलिए हर घंटा आपको ऐसी चीज़ के क़रीब लाता है जिसे आप सच में इस्तेमाल कर सकें।
- 01हफ़्ता 1
प्लान और दायरा
अपना प्रोजेक्ट चुनें, तय करें कि सफलता कैसी दिखेगी, और मोटे आइडिया को ठोस, बनाने लायक़ प्लान में बदलें।
- 02हफ़्ता 2
कोर बनाना
पहला चलता हुआ वर्ज़न खड़ा करें — प्रॉम्प्टिंग, स्ट्रक्चर और आपके टूल का मुख्य वर्कफ़्लो।
- 03हफ़्ता 3
इंटीग्रेट और सुरक्षित करना
अपने मौजूदा ऐप्स और डेटा जोड़ें, और संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित संभालने का इंतज़ाम करें।
- 04हफ़्ता 4
लाइव करना और हैंडओवर
सुधारें, दिक़्क़तें ठीक करें और पूरा करें — आप चलता हुआ टूल और आगे बढ़ने की स्किल लेकर निकलते हैं।
आपका प्रोजेक्ट, आपके साथ बनाया हुआ
प्रोग्राम की शुरुआत में आप एक असली प्रोजेक्ट चुनते हैं — कोई टूल, ऑटोमेशन या वर्कफ़्लो जो आपकी टीम के लिए मायने रखता हो। हम जो कुछ सिखाते हैं, वह सीधे उसी पर लागू होता है। चार हफ़्तों के अंत में लक्ष्य है एक ऐसा नतीजा जिसे आप इस्तेमाल कर सकें, साथ में आगे खुद और बनाने का भरोसा और स्किल।
आप क्या लेकर जाते हैं
- एक असली ज़रूरत पर बना, चलता हुआ टूल या सॉल्यूशन।
- AI से बनाने का दोहराया जा सकने वाला वर्कफ़्लो।
- प्रॉम्प्टिंग, इंटीग्रेशन और बेस्ट प्रैक्टिसेज़ की प्रैक्टिकल स्किल्स।
- संवेदनशील डेटा संभालने का साफ़ और सुरक्षित तरीक़ा।
- प्रोग्राम ख़त्म होने के बाद खुद बनाते रहने का भरोसा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Build With AI ट्रेनिंग कितनी लंबी है?
चार हफ़्ते, हर हफ़्ते एक घंटे का एक लाइव सेशन। इसे इस तरह बनाया गया है कि यह सामान्य वर्क शेड्यूल में फ़िट हो जाए और अंत में एक पूरा, चलता हुआ टूल भी मिले।
क्या मुझे कोडिंग आनी चाहिए?
नहीं। प्रोग्राम प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट पर आधारित है, और आपको AI से असली, चलते हुए सॉल्यूशन बनाना सिखाता है — प्रॉम्प्टिंग, इंटरनल टूल्स और इंटीग्रेशन समेत — बिना गहरी तकनीकी जानकारी माँगे।
मैं असल में क्या बनाऊँगा?
आप एक असली प्रोजेक्ट चुनते हैं जो आपकी टीम के लिए मायने रखता है — कोई टूल, ऑटोमेशन या वर्कफ़्लो। हम उसे पूरा करने तक आपके साथ काम करते हैं, ताकि आख़िर में आपके पास कुछ ऐसा हो जिसे आप सच में इस्तेमाल कर सकें।
ट्रेनिंग में किसे शामिल होना चाहिए?
हम एक लीड तैयार करते हैं: आपकी टीम का एक व्यक्ति जिसे हम गहराई से तैयार करते हैं। फिर वह क्षमता टीम और पूरी कंपनी में फैलती है, और शुरू से ही सही गवर्नेंस साथ रहती है।
संवेदनशील या गोपनीय डेटा कैसे संभाला जाता है?
प्रोग्राम में संवेदनशील डेटा को सुरक्षित तरीक़े से स्टोर और प्रोसेस करने के तरीक़े शामिल हैं — प्रॉम्प्ट में क्या नहीं डालना, उसे कैसे बचाना, और कौन-से प्रैक्टिकल उपाय आपकी सिक्योरिटी ज़रूरतों पर खरे उतरते हैं।
आख़िर में मुझे क्या मिलता है?
एक असली ज़रूरत पर बना चलता हुआ टूल, AI से बनाने का दोहराया जा सकने वाला वर्कफ़्लो, प्रॉम्प्टिंग और इंटीग्रेशन की प्रैक्टिकल स्किल्स, संवेदनशील डेटा के लिए सुरक्षित तरीक़ा, और खुद बनाते रहने का भरोसा।
बनाना शुरू करें?
चलिए आपका प्रोजेक्ट चुनते हैं और शुरू करते हैं। चार हफ़्ते बाद आपके पास चलता हुआ टूल होगा — और आगे बनाते रहने की स्किल।