PMO (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट ऑफिस) के 5 प्रकार ये हैं: 1) सपोर्टिव PMO — कंसल्टेंट की तरह काम करता है और टेम्पलेट, ट्रेनिंग तथा बेस्ट प्रैक्टिस देता है, जिन्हें टीमें अपनी मर्ज़ी से अपनाती हैं। 2) कंट्रोलिंग PMO — सभी प्रोजेक्ट्स में तय स्टैंडर्ड, मेथडोलॉजी और टूल्स का पालन अनिवार्य करता है। 3) डायरेक्टिव PMO — प्रोजेक्ट्स की पूरी ज़िम्मेदारी लेता है और प्रोजेक्ट मैनेजर सीधे PMO को रिपोर्ट करते हैं। 4) एंटरप्राइज़ PMO (EPMO) — प्रोजेक्ट्स और प्रोग्राम्स को पूरे संगठन के रणनीतिक लक्ष्यों से जोड़ता है। 5) पोर्टफोलियो मैनेजमेंट ऑफिस (PfMO) — प्रोजेक्ट्स और प्रोग्राम्स के पोर्टफोलियो को बिज़नेस लक्ष्यों के हिसाब से मैनेज करता है। मॉडल कोई भी हो, PMO उतना ही अच्छा होता है जितना उसका डेटा — इसीलिए कई ऑपरेशंस टीमें हाथ से बनाई गई स्टेटस रिपोर्ट की जगह लाइव आंकड़े लाने वाला AgentUI डैशबोर्ड अपने PMO के साथ इस्तेमाल करती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMO के 5 प्रकार कौन से हैं?
क्या आप अपने ऑपरेशंस पर नियंत्रण लेने के लिए तैयार हैं?
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